Friday, December 11, 2009

परिचय
बात जब छोटे-छोटे और उत्साह से भरे बच्चों की हो तो तो बिना खेलकूद के चर्चा कुछ अधूरी रह जाती है इस विद्यालय में हर वर्ष अन्तर आश्रम्वार्गीय प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। खेलकूद का व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। इससे छात्रों में strenght, stemina तथा skill का विकास होता है। 'सम्भव है, जीत आपकी न हो, पर आपका प्रयास सर्वोत्तम होना चाहिए ' इसी मूलमंत्र को आत्मसात करने की परम्परा देती ये खेलकूद प्रतियोगिताएं हमारी परम्परा का अभिन्न अंग हैं। यहाँ पर आउटडोर गेम्स में फुटबॉल,
हॉकी, बॉलीबॉल, बास्केटबॉल,क्रिकेट आदि गेम्स हैं, वहीं टेबुल टेनिस, कैरम, शतरंज आदि खेल इन्डोर गेम्स में आते हैं। वार्षिक त्रिदिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता एवं उसके अलावे क्रॉसकन्ट्री प्रतियोगिता का उत्साह दर्शनीय होता है।
यहाँ पर खेलकूद के लिए बहुत अच्छी अधोसंरचनाएं भी मौजूद हैं। कुल 11 मैदानों, न्यूनतम 6-6 बॉलीबॉल, बास्केटबॉल कोर्ट, 2 लॉन टेनिस कोर्ट की व्यवस्था के साथ यहाँ पर खेलकूद के नियत समयक्रम छात्रों को समुचित भागीदारी का अवसर प्रदान करते हैं. इन्डोर गेम्स के लिए हरेक आश्रम में हरेक खेल की सामग्री दी जाती है. सभी आश्रमों में टेबुल टेनिस के बोर्ड भी उपलब्ध



खेल का महत्व

"स्वास्थ्य ही धन है जो समझ है इसके महत्व को खुद को फिट रखने की कोशिश करेंगे.". एक संतुलित आहार के अलावा, खेल के लिए हमारे स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं. अगर हम नियमित रूप से खेल नहीं है, तो हमारे शरीर का विकास नहीं करता है. हमारे शरीर कमजोर हो जाता है. हम कई बीमारियों के लिए एक लक्ष्य हो सकता है. खेल हमारे स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं.
खेल भी हम में अच्छे गुण पैदा. अपने प्रतिस्पर्धी खेलों में शामिल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करेंगे. ऊपर टीम के खेल में कप्तानी लेने नेतृत्व के गुण विकसित होगा. एक टीम के सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे खिलाड़ियों के बीच सहयोग के रूप में बजाना.
हम महसूस कर सकते हैं कि, यदि हम खेल में अपना समय खर्च करते हैं, हम जब अध्ययन करना चाहिए? यहाँ एक समाधान के सुबह में अध्ययन के रूप में है मन ताज़ा है. तुम वापस स्कूल से घर खेलने के बाद मन के रूप में लगभग एक दो घंटे के लिए थक गया है. तो फिर तुम फिर से अध्ययन कर सकते हैं. दोस्त तो, हमेशा कहावत याद है, "सभी अध्ययन और कोई खेल जैक एक कुंठित लड़का बना देता है." यह कहावत न केवल जैक पर लागू होता है, लेकिन हम सभी के लिए.


khel ke roop:

क्रिकेट

क्रिकेट दुनिया में एक प्रमुख खेल के रूप में विद्यमान है और यह भारतीय उपमहाद्वीप (Indian subcontinent). में दर्शकों का सबसे लोकप्रिय खेल है.आईसीसी ने अपने विकास कार्यकर्म को आगे बढाते हुए, टेस्ट के स्तर पर, प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम राष्ट्रीय टीमों को आगेलाने का प्रयास कर रही है.विकास के प्रयासों में अफ्रीकी , एशियाई और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) जैसे राष्ट्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं,.2004 केआईसीसी अंतरमहाद्वीपीय कप (ICC Intercontinental Cup) में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पहली बार 12 राष्ट्रों को लाया गया .

क्रिकेट के खेल का सबसे नया प्रयास है ट्वेंटी 20 (Twenty20), मूलतः एक शाम मनोरंजन.इसे अब तक भारी लोकप्रियता मिली है और दर्शकों बड़ी उपस्थिति ध्यान अपनी ओर खींचा है और साथ ही टीवी दर्शकों को भी अपने ओर आकर्षित किया है.यह उद्घाटन आइसीसी ट्वेंटी 20 विश्व कप (inaugural ICC Twenty20 World Cup) टूर्नामेंट 2007 में आयोजित की गई थी, भारत ने पाकिस्तान को कांटे की टक्कर में पाँच रनों से हराकर पहला चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया. भारत में ट्वेंटी 20 लीग का गठन - अनौपचारिक भारतीय क्रिकेट लीग (Indian Cricket League) जो 2007 में शुरू हुआ और , आधिकारिक भारतीय प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2008 में प्रारम्भ हुआ - जिससे क्रिकेट के भविष्य पर इसके प्रभाव के बारे में क्रिकेट की प्रेस में बहुत सारी अटकलें उठी

क्रिकेट का इतिहास

क्रिकेट के खेल का इतिहास 16 वीं शताब्दी से आज तक अत्यन्त बिस्तृत रूप में विद्यमान है, अंतरराष्ट्रीय मैच1844 के बाद खेला गया, यद्यपि आधिकारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट (Test cricket) 1877 से प्रारम्भ हुए. इस समय से यह खेल मूल रूप से इंग्लैण्ड में विकसीत हुआ जो कि अब पेशेवर रूप में अधिकांस राष्ट्र मंडल देशो में खेला जाता है

फुटबॉल

फुटबॉल शब्द ऐसे समान टीम खेलों के लिए प्रयुक्त होता है जिनमें बहुत से खिलाड़ी (बदलते परिमाण मे) पैर से गेंदपरप्रहार कर के गोल करने का प्रयास करते हैं. इसमें दुनिया में सबसे लोकप्रिय, सामुदायिक फुटबॉल है जो सामान्य रूप से "फुटबॉल" या "सॉकर" के नाम से जाना जाता है.हालांकि, फुटबॉल शब्द खेल के उन सभी रूपों के लिए प्रयुक्त होता है, जो दुनिया के किसी ख़ास क्षेत्र मे किसी भी रूप मे लोकप्रिय हो गए हैं .इसलिए अंग्रेज़ी भाषा में "फुटबॉल" शब्द का प्रयोग "ग्रिडिरॉन फुटबॉल"(यह नाम उत्तरी अमेरिकी खेल से संबंधित है, विशेष कर अमेरिकी फुटबॉल और कनाडाई फुटबॉल)आस्ट्रेलियाई फुटबॉल, गेलिक फुटबॉल, रग्बी लीग, रग्बी यूनियन, और उससे

संबंधित खेलों के लिए किया जाता है.

गॉल्फ़

गॉल्फ़ (Golf) गेंद और क्लब से खेला जाने वाला एक व्यक्तिगत खेल है जिसमें खिलाड़ी तरह-तरह के क्लबों का प्रयोग करते हुए गॉल्फ़ के मैदान में दूरी पर स्थित एक छेद में गेंद को डालने का प्रयत्न करते हैं।

गोल्फ भी क्या खेल है। बस क्लब (club) से गेंद को मारते चलो। यह जगह फेरवे कहलाती है। आगे जा कर एक जगह छेद होता है। इसके चारो तरफ घास बहुत अच्छी तरह से कटी होती है। इसको ग्रीन कहते हैं। गेंद को इसी छेद में डालना होता है। इस खेल में १८ होल होते हैं यानि कि १८ फेयरवे। कुछ जगह केवल ९ ही होते हैं।

आपको अपने क्लब से गेंद को मारना पड़ता है और कम से कम बार मार कर होल में डालना होता है। इसकी गेंद भी खास तरह की होती। जिसके कारण यह ऊपर उठती है या घूमती है और यह सब भौतिक शास्त्र के बरनॉली सिद्धान्त के कारण होता है। इस सिद्धान्त के बारे में मुन्ने के बापू ने
बेन्ड इट लाइक बेख़मकी चिट्ठी में बताया है।

इस खेल में बहुत समय लगता है। मुझे तो यह खेल कभी समझ में नहीं आया पर पूरी दुनिया इसकी दिवानी है। मुन्ने के बापू भी दिवाने हैं पर समय आभाव के कारण ज्यादा खेल नहीं पाते हैं।

मैं भी कभी कभी इनके साथ गोल्फ कोर्स जाती हूं। मुझे यह खेल तो अजीब लगता है पर गोल्फ कोर्स पर जाना अच्छा लगता है। यह कस्बे की सबसे साफ सुथरी जगह है। सब तरफ हरा रंग। यहां पर पैदल चलने का अलग ही मजा है।

मुन्ने के बापू कहते हैं कि यह खेल जीवन में अनुकरण करने की बातों को सिखाता हैः

  • नम्र रहोः सिर झुका कर रखो सिर ऊपर न उठाओ। गेंद को क्लब से मारते समय आंखे हमेशा गेंद पर रखनी होती है। यह तभी हो सकता है जब सर नीचे हो। जब तक पूरा शॉट न लग जाय तब तक आंखें नीचे गेंद पर रहनी चाहिये नहीं तो शॉट बेकार कभी आपका क्लब गेंद के ऊपर से गुजर जायगा या फिर गेंद के पहले जमीन पर लग जायगा।
  • प्यार से रहोः गेंद को जोर से मारोगे तो शॉट बेकार हो जायगा। गेंद को प्यार से स्विंग से मारोगे तो वह उतनी दूर जायगी।
  • टेंशन मत लोः यदि गेंद को मारते समय आप तनाव में रहते हैं तो शॉट गड़बड़ हो जायगी। इसलिये टेंशन मत लो। शॉट मारने के बाद उसे भूल जाओ।

इस खेल में बहुत समय लगता है पर फिर मैं चाहती हूं कि ये इसे हमेशा खेले। कम से कम साफ वतावरण में तो रहते हैं कुछ कसरत तो होती है। इस खेल में उम्र का कोई तकाज़ा नहीं है। कम से कम मेरी सौत कंप्यूटर पर तो नहीं बैठेंगे। नहीं तो जब देखो कमरे में बैठे बैठे उंगलियां इसी पर थिरकती रहती हैं।

गोल्फ कोर्स तो सब जगह के सुन्दर होते हैं पर विदेश में तो इनकी सुन्दरता देखने लायक है। मुझे तीन साल पहले टोरंटो के यॉर्क विश्विद्यलय में एक सम्मेलन में रहने का मौका मिला था। वहां से हम लोग किचनर में एक गोल्फ कल्ब - शायद Rebel Golf Club, Kitchner - गये थे। यह कोर्स बहुत सुन्दर है। यहां पर हमारा दिन का खाना था। इसके आखरी ग्रीन के चारो तरफ पानी ही पानी था।

व्यायाम

व्यायाम का अर्थ है संपूर्ण शरीर या शरीर के किसी अंग विशेष को एक समान लय में कुछ निश्चित समय एवं निश्चित अनुपात में गति देना, माँसपेशियों, हड्डियों एवं रक्त परिवहन को सुषुप्तावस्था से जाग्रत करना, उत्तेजित करना, उनकी कार्यप्रणाली में गति प्रदान करना।

व्यायाम के लाभ

व्यायाम मानव देह को स्वस्थ रखने का एक अत्यन्त आवश्यक उपाय है। दौड़, दंड-बैठक, सैर ,कुश्ती , जिम्नैस्टिक , हौकी, क्रिकेट, टेनिस आदि खेल व्यायाम के ही कई रूप हैं । व्यायाम ऐसी क्रिया का नाम है जिससे देह में हरकत हो , देह की हर एक नस-नाड़ी, एक-एक सैल क्रिया में आ जाये ।जिस समय हम व्यायाम करते हैं उस समय हमारी देह के अंग ऐसी चेष्टा करते हैं, जिसमें हमें आनन्द भी मिलता है और श्रम भी होता है। इससे हमारे शरीर का हर अंग स्वस्थ रहता है। जब हम व्यायाम करते हैं तो हम अंगों को हिलाते-डुलाते हैं , उससे हमारे हृदय और फेफड़ों को अधिक काम करना पड़ता जिसके फलस्वरूप हमारी एक-एक सांस शुद्ध हो जाती है, हमारे रक्त की एक-एक बूँद स्वच्छ हो जाती है ।

मस्तिष्क का काम करने वाले मानवों को व्यायाम अवश्य ही करना चाहिये , क्योंकि देह से श्रम करके रोटी कमाने वालों के अंगों को तो हरकत करने का अवसर फिर भी मिल जाता है किन्तु अध्यापक , डाक्टर, वकील , कम्पयूटर-ओपरेटर आदि लोगों के लिये व्यायाम अत्यन्त आवश्यक है।

व्यायाम से देह सुन्दर हो जाती है और उसकी रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है। हाँ बहुत अधिक व्यायाम से हानि भी हो सकती है । आप जब थक जायें तब आपको व्यायाम करना बन्द कर देना चाहिये

योगासन

योग के करने की क्रियाओं व आसनो को योगासन कहते है|संसार की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद में कई स्थानों पर यौगिक क्रियाओं के विषय में उल्लेख मिलता है

योगासनों के गुण और लाभ

(1) योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है।

(2) योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं।

(3) आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है। शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अलग महत्त्व है।

(4) योगासनों से भीतरी ग्रंथियां अपना काम अच्छी तरह कर सकती हैं और युवावस्था बनाए रखने एवं वीर्य रक्षा में सहायक होती है।

(5) योगासनों द्वारा पेट की भली-भांति सुचारु रूप से सफाई होती है और पाचन अंग पुष्ट होते हैं। पाचन-संस्थान में गड़बड़ियां उत्पन्न नहीं होतीं।

(6) योगासन मेरुदण्ड-रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और व्यय हुई नाड़ी शक्ति की पूर्ति करते हैं

Wednesday, December 9, 2009





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